न्याय के लिए डॉक्टर धरने पर

चंबा। जिला अस्पताल में बीते दिनों एक बच्चे की मौत के बाद उसके परिजनों द्वारा ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक से किए गए दुर्व्यवहार पर कार्रवाई न किए जाने पर प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने कड़ा रोष जताया है। एमओए से जुड़े जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने इसके खिलाफ सीएमओ कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना देकर दो घंटे तक कामकाज बंद रखा। दो घंटे के प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन ने कुछ डॉक्टरों को काम पर तैनात किया गया था, जिससे मरीजों को परेशानी नहीं हुई।
एसोसिएशन ने पुलिस और प्रशासन से इस मामले की जल्द जांच करने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। एसोसिएशन प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. दिलबाग सिंह, जिला अध्यक्ष संजय कुमार और जिला प्रेस सचिव डॉ. विशाल ठाकुर ने बताया कि बीते दिनों एक चिकित्सक से एक व्यक्ति और उसके परिजनों ने दुर्व्यवहार किया था। चिकित्सकों के साथ इस तरह का व्यवहार करना समझ से परे है। लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए। लोगों के दुर्व्यवहार से चिकित्सकों का मनोबल गिरता है। चिकित्सक हमेशा मरीजों को बेहतर इलाज देने का प्रयास करते हैं। लोगों को भी चिकित्सकों का सहयोग करना चाहिए। इससे कामकाज सुचारु रूप से चल पाएगा। इस मौके पर डॉ. रामकमल, डॉ. प्रशांत राणा, डॉ. विक्रम लखनपाल, डॉ. हर्ष महाजन, डॉ. राजेंद्र विष्ठ, डॉ. एनके सूर्या, डॉ. सुभाष और डॉ. रूपेश शर्मा मौजूद रहे।

पुलिस की तैनाती की मांग उठाई
एसोसिएशन ने पुलिस अधीक्षक चंबा से अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी खोलने की मांग की है। चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में जल्द पुलिस कांस्टेबल की तैनाती की जाए। इससे अस्पताल के स्टाफ और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होगी। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से जल्द आवश्यक कार्रवाई अमल में लाने का आग्रह किया है।

इमरजेंसी-ओपीडी में सुचारु रूप से हुआ चेकअप
दो घंटे की हड़ताल के दौरान चिकित्सकों ने ओपीडी और इमरजेंसी में सेवाएं प्रभावित नहीं होने दीं। अस्पताल में आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। ओपीडी में तैनात डॉ. स्वाति महाजन ने कहा कि हड़ताल का मकसद लोगों के लिए दिक्कतें खड़ी करना नहीं है। चिकित्सक चाहते हैं कि अन्य अस्पतालों की तरह चंबा में भी चिकित्सकों के साथ उचित व्यवहार किया जाए। चिकित्सकों ने वीरवार सुबह अपने-अपने वार्ड में सुचारु रूप से राउंड भी किए।

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